उत्तराखंड का कैंची धाम, जहां मन्नत लेकर पहुंच चुके हैं मार्क ज़ुकेरबर्ग और स्टीव जॉब्स

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कैंची धाम: नीम करोली बाबा आश्रम नैनीताल -अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित एक विचित्र आश्रम है, जो एक हनुमान मंदिर है। यहां आने वाले बाबा के भक्तों के बीच यह कैंची धाम के रूप में लोकप्रिय है। यह धाम समुद्र तल से 1400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस आधुनिक तीर्थस्थल को श्री नीम करोली बाबा महाराज जी के समर्पण में बनाया गया है। बाबा नीम करोली महाराज जी ने इस आश्रम की स्थापना सन 1964 में की थी। 1961 में पहली बार बाबा जी यहां आए और उन्होंने अपने पुराने मित्र पूर्णानंद जी के साथ मिल कर यहां आश्रम बनाने का विचार किया था। आगे चलकर यह धाम कैंची मंदिर, नीम करौली धाम और नीम करौली आश्रम के नाम से विख्यात हुआ।

कौन थे बाबा नीम करौली महाराज
नीम करौली बाबा महाराज जी की गिनती बीसवीं शताब्दी के सबसे महान संतों में की जाती है। इनका जन्म स्थान ग्राम अकबरपुर जिला फ़िरोज़ाबाद उत्तर प्रदेश है जो कि हिरन गाँव से 500 मीटर दूरी पर है। बाबा नीम करौली महाराज जी एक हिंदू गुरु के रूप में पूजे जाते हैं उनकी सबसे बड़ी खासीयत यह है कि यह केवल उत्तराखंड में ही चमत्कारी बाबा के नाम से नहीं जाने जाते हैं, बल्कि इनके द्वारा किए गए चमत्कार की कथाएं विदेशों तक फैली हुई हैं। कैंची, नैनीताल, भुवाली से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इन्हें सिर्फ उत्तराखंड में ही चमात्कारिक बाबा के रूप में नहीं माना जाता है बल्कि विदेशों में भी इनके चमत्कारों के चर्चे होते हैं। महाराज जी इस युग के भारतीय दिव्य पुरुषों में से एक माने जाते हैं।

जून के महीने में होता है महोत्सव
प्रतिवर्ष 15 जून को कैंची मन्दिर में वार्षिक समारोह मानाया जाता है। उस दिन मंदिर में बाबा के भक्तों की विशाल भीड़ लगी रहती है। ऐसा माना जाता है कि जब तक महाराज जी 17 वर्ष के थे तब से वे सब कुछ जानते थे और उन्हें भगवान के बारे में संपूर्ण ज्ञान प्राप्त था। वहां के लोगों का कहना है कि भगवान श्री हनुमान उनके गुरु है और गोस्वामी तुलसी दास जी जैसे लोगों की परंपरा में नीम करौली बाबा जी ही एक ऐसे थे, जिन्होंने परम रामभक्त श्री हनुमान जी के प्रत्यक्ष दर्शन किए थे। नीम करौली बाबा जी अपने जीवन में लगभग 108 हनुमान मंदिर बनवाए थे। संपूर्ण विश्व में ख्याति प्राप्त होने के बावजूद उनमें तनिक भी घमंड नहीं था।

पीएम मोदी, मार्क ज़ुकेरबर्ग और स्टीव जॉब्स कर चुके हैं दर्शन
इस धाम को लेकर यह मान्यता है कि इस आश्रम में जो भी भक्त दर्शन के लिए आते हैं। उनकी सभी मनोकामनाएं बाबा पूरी करते हैं। इसलिए विदेशों से भी लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। केवल आम लोग ही नहीं पीएम मोदी, हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स, एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग जैसी कई बड़ी हस्तियां भी बाबा की भक्त हैं और बाबा के दर्शन के लिए आश्रम आ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई एक मुलाकात के दौरान स्वयं फेसबुक सीईओ मार्क ज़ुकेरबर्ग ने बताया था कि बुरे समय में उन्होंने भारत का दौरा किया था और वहां एक मंदिर में जाने के बाद उन्हें प्रेरणा मिली थी। जकरबर्ग ने बताया कि उन्होंने भारत दौरे के समय उत्तराखंड स्थित नीम करोली बाबा के आश्रम में समय बिताया था।

कैसे जायें नीम करोली
नीम करोली बाबा आश्रम नैनीताल – अल्मोड़ा रोड पर, भवाली से 9 किलोमीटर और नैनीताल से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में एक ट्रेन काठगोदाम के लिए रवाना होती है और फिर यहां से दो घंटे की बस यात्रा द्वारा कैंची धाम पहुंचा जा सकता है। आश्रम बस स्टॉप के करीब स्थित है।

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