क्या आप जानते हैं भारत के पुर्तगाली शहर चौल के बारे में ये रोचक बातें?

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पुर्तगाली भारत का पूर्व शहर, चौल शहर अब एक खंडहर के रूप में है। यह मुंबई से लगभग 60 किमी दूर स्थित है, महाराष्ट्र में दक्षिण की ओर यह रायगढ़ जिले के अंतर्गत आता है। इतिहास इस तथ्य का गवाह है कि पुर्तगाली पहले चौल में, लगभग 500 साल पूर्व, 1521 में आये। शहर, बाद में अहमदनगर के निजाम शाही सुल्तान के द्वारा 1570 में नष्ट कर दिया गया था। चौल के शहर बाद में 1613 में पुनः बनाया गया।

घूमने के स्थान
यह पर्यटन स्थल अलीबाग के पास स्थित है और कई राजवंशों के उत्थान और पतन का गवाह है। शहर पुर्तगाली खंडहर, पुराने चर्चों और आराधनालयों के साथ भरा हुआ है। चौलो काडू लाइटहउस कोरलाई पोर्ट के निकट है और देखने लायक है। कोरलाई फोर्ट, चौल किले के साथ दो ऐतिहासिक स्थान हैं जो आपको अतीत में ले जाते हैं। एक प्रकृति प्रेमी को रेवडंडा समुद्र तट को अवश्य देखना चाहिए, जो एक सुंदर स्थान है जहाँ पर अपने निष्क्रिय विचारों में डूब क्षितिज को देखा जा सकता है। दत्ता मंदिर न केवल एक महत्वपूर्ण धार्मिक जगह है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक प्रासंगिकता भी है। इस जगह के ऊपर से दृश्य मोहक है।

कुछ तथ्य
चौल में जलवायु साल भर में आकर्षक रहता है। मौसम कभी भी बहुत खराब नहीं होता है बल्कि सुहावना और आमंत्रित करने वाला होता है। सर्दियों में इस ऐतिहासिक शहर को घूमने के लिए एक उपयुक्त समय माना गया है। चौल बहुत अच्छी तरह से हवाई, रेल और सड़क के माध्यम से सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है। इस छोटे किन्तु मनोरम शहर को बस आप का इंतज़ार है। आगे बढ़िये, और चौल के गहरे ऐतिहासिक अतीत में तल्लीन हो जाइये।

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