खंडहर बताते हैं चंदौली शहर की दास्तां

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चंदौली जिला उत्तर प्रदेश में वाराणसी से लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है। इसका नाम बारहौलिया राजपूत चन्द्र शाह के नाम पर पड़ा, जिनका ताल्लुक नरोत्तम राय के परिवार से है जिन्होंने इस शहर की खोज की थी। उनके वंशजों नें बाद में एक किले का निर्माण कराया था। खंडहर होने के बावजूद भी यह किला काफी अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है।

चंदौली और इसके आस पास के पर्यटन स्थल
चंदौली में कई पर्यटन स्थल हैं जैसे हकिया काली मंदिर और बाबा लतीफ़ शाह का मकबरा। फिर भी चंदौली की प्रसिद्धि का मुख्य कारण यहाँ का वन्यजीव अभयारण्य है। भारत के कम जाने जाने वाले अभयारण्यों में से एक यह अभयारण्य पशुओं, पक्षियों और पौधों की कई विशेष प्रजातियों का घर है। भीड़ भाड़ वाले पर्यटन से दूर यह जगह अपने प्राचीन आकर्षण को बरकरार रखती है। इसकी स्थापना एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए की गई थी जिनकी संख्या करीब – करीब कम हो गई है । यह अभयारण्य कई पशुओं और पक्षियों का घर है। अभयारण्य के अन्दर कई घूमने की जगह और घने जंगल हैं। यहाँ दो शानदार चमकते हुए झरने भी हैं, जिनके नाम राजदारी और देवदारी हैं।

घूमने के लिए उचित समय
चंदौली घूमने के लिए सबसे आदर्श समय अक्टूबर से मार्च है।

चंदौली कैसे पहुंचें
चंदौली आसानी से एयर, रेल और रोड द्वारा पहुंचा जा सकता है।

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