खूबसूरत पर्यटन स्थल चांगलांग के 4 सबसे प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल

0

प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध, सुंदर घाटियों के बीच और ऊंचे पहाड़ों से घिरे अरुणाचल प्रदेश का चांगलांग की ऊंचाई 200 मीटर से 4500 मीटर है। चांगलांग मानव जाति के लिए प्रकृति के किसी उपहार से कम नहीं है। चांगलांग की लंबी पर्वत श्रृंखलाओं की गोद में पर्यटक ताजगी और सुकून महसूस करते हैं। आइये! आज हम आपको चांगलांग के चार सबसे लोकप्रिय दर्शनीय स्थलों की सैर कराते हैं-

मियाओ गांव

चांगलांग भ्रमण के शुरुआत आप यहां के खूबसूरत गांव मियाओ से कर सकते हैं। नोआ-देहियांग नदी के तट पर स्थित यह गांव यहां के प्रसिद्ध पर्यटन आक्रषणों में गिना जाता है। यहां आप स्थित पटकाई बूम हिल्स की सैर का प्लान बना सकते हैं। इसके अलावा आप यहां नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान की सैर का भी प्लान बना सकते हैं। मियाओ में घूमने-फिरने और देखने के लिहाज से बहुत से आकर्षण मौजूद है, आप यहां स्थित संग्रहालय और एक छोटे चिड़ियाघर को भी देख सकते हैं। इसके अलावा आप यहां की स्थानीय संस्कृति को भी करीब से देख सकते हैं। यह गांव चाय के बागानों के लिए भी जाना जाता है।

नमदाफा नेशनल पार्क

मियाओ गांव के भ्रमण के बाद आप चाहें तो यहां स्थित नमदाफा नेशनल पार्क की रोमांचक सैर का प्लान बना सकते हैं। जैव विविधता से समृद्ध इस राष्ट्रीय उद्यान को 1938 में टाइगर रिजर्व घोषित किया था। हिमालय से नजदीक यह उद्यान 200 से लेकर 4500 मीटर की ऊचाई वाली कई ऊंची पहाड़ियों से घिरा हुआ है। नमदाफा नेशनल पार्क 1985.23 वर्ग कि.मी के क्षेत्र को कवर करता है, जहां आप विभिन्न वनस्पतियां और असंख्य जीव-जंतुओं को देख सकते हैं। जगंली जीवों में आप यहां टाइगर, तेंदुआ ,स्नो लेपर्ड, हाथी, भालू आदि को देख सकते हैं।

लेक ऑफ नो रिटर्न

इसके अलावा आप यहां की सबसे लोकप्रिय झील ‘लेक ऑफ नो रिटर्न’ की सैर का प्लान बना सकते हैं। अपने अनोखे नाम के साथ यह लेक अपनी खूबसूरती के लिए भी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। माना जाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस झील ने एक एयरक्राफ्ट को लैडिंग करने में मदद की थी जो दुस्मनों के हमले का शिकार बन चुका था। माना जाता है कि इसके बाद झील के एक आपातकालीन लैंडिग गंतव्य के तौर पर कई बार इस्तेमाल किया जाता रहा । हालांकि यहां कई प्लेन क्रैश भी हो चुके हैं, इसलिए इस झील का नाम ‘लेक ऑफ नो रिटर्न’ पड़ा।

विश्व युद्ध सेमटेरी

चांगलांग में आप विश्व युद्ध सेमटेरी को भी देख सकते हैं। यह एक कब्रिस्तान है जहां उन जवानों को दफनाया गया है, जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अपनी जान दी थी। ये जवान भारत के अलावा चीन, अमेरिका, और ब्रिटेन के निवासी थे। इस युद्ध के दौरान कई मासूम लोगों की जान भी गई थी। अगर आप चांगलांग आएं तो इस खास स्थल की सैर करना न भूलें। विश्व इतिहास के कुछ अहम पहलुओं को समझने के लिए आप यहां आ सकते हैं।

टिप्पणियाँ लिखे

आपका ईमेल प्रकाशित नहीं किया जाएगा।