झारखंड स्थित तीर्थ देवघर के 4 प्रमुख दर्शनीय स्थल

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देवघर एक प्रमुख तीर्थ स्थान है, यह झारखण्ड राज्य के संथाल परगना के अंतर्गत है। इस शहर में बैधनाथ मंदिर स्थित है। \ जो की बारह शिव ज्योतिर्लिंग में से एक है। इस ज्योतिर्लिंग को मनोकामना लिंग भी कहा जाता है। देवघर में प्रयटको के लिए बहुत से आकर्षण केंद्र है : नौलखा मंदिर , रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ,मंदरा पर्वत आदि। देवघर हवाई, सड़क और रेल द्वारा देश के अन्य प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

नौलखा मंदिर

देवघर अपने पूजनीय तीर्थों के लिए जाना जाता है और नौलखा मंदिर एक ऐसा आध्यात्मिक गर्भगृह है, जो अपने वास्तुशिल्प के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व के लिए भी मशहूर है। ये मंदिर हिंदू पौराणिक देवी-देवता राधा और कृष्ण समर्पित है। 146 फीट ऊंचे नौलखा मंदिर का निर्माण एक संत द्वारा किया गया था, जिसे 1948 में श्री बालानंद ब्रह्मचारी के नाम से जाना जाता था। इस मंदिर में दुनियाभर से पर्यटकों और भक्तों का आना जाना रहता है।

रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ

भारत की एक असाधारण प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ को जाना जाता है। शहर के केंद्र में स्थित, यह सबसे पुराना शैक्षणिक संस्थान है जिसकी स्‍थापना 1922 में की गई थी। अब इसे पूरी तरह से वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बदल दिया गया है। स्वामी विवेकानंद के कई शिष्यों द्वारा इस जगह का उपयोग किया जाता था। रामकृष्ण मिशन के साथ-साथ इसके केंद्र में स्थित श्री रामकृष्ण मंदिर, संस्था का संचालन कुछ भिक्षुओं और ब्रह्मचारियों द्वारा किया जाता है।

बाबा बैद्यनाथ मंदिर

भारत के सबसे पूजनीय ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक बाबा बैद्यनाथ मंदिर है। ये पवित्र स्‍थान मां सती के 52 शक्‍तिपीठों में से भी एक है। इस आध्यात्मिक गर्भगृह में हिंदू देवी-देवताओं के इक्कीस अन्य मंदिर भी हैं। मंदिर में दुनिया भर से भक्तों और श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मान्‍यता है कि मंदिर में पूजा करने से उन्हें दुखों और पापों से छुटकारा मिलता है।

मंदरा पर्वत

देवघर में मंदार हिल पर्यटकों के आकर्षण का एक बड़ा केंद्र है और इस पर्वत के बारे में कई मिथक और कहानियां भी प्रचलित हैं। समुद्रतल से 700 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस पर्वत के बारे में कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान समुद्र से अमृत से निकालने के लिए इस पर्वत का प्रयोग किया गया था। इसलिए हिंदुओं के लिए ये बेहद पवित्र स्‍थान है। इस पहाड़ की चोटी पर एक मंदिर भी स्थित है जिसे 12वें जैन तीर्थंकर वासुपूज्य के लिए श्रद्धांजलि के रूप में बनाया गया था। यहां पर झीलें भी हैं। ये जगह देवघर के कुछ चुनिंदा सबसे लोकप्रिय स्‍थलों में से एक है।

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