दिल्ली भ्रमण के बिना अधूरी है भारत की ऐतिहासिक यात्रा

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भारत की यात्रा अपने आप में एक अनोखा अनुभव है, और इसकी राजधानी दिल्ली की सैर एक अमित संस्मरण साबित होगी। भारत के सबसे बडे शहरों में से एक दिल्ली, प्राचीनता और आधुनिकता का सही संयोजन है, जो आज एक उद्योगिक गोले की जादुई दुनिया बन गई है। अधिकारिक रूप से नेशनल कैपिटल टेरिटोरी (एन सी टी) डेल्ही को, हिंदी में दिल्ली कहा जाता है। भारत की राजधानी नई दिल्ली एन सी टी का हिस्सा है, जो मुंबई के बाद दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। इस मंत्रमुग्ध कर देने वाली नई और पुरानी दिल्ली के मिश्रण में, आपको भारत का इतिहास, संस्कृति और विस्मित चीजों का संकलन मिलेगा। यह केवल देश की राजधानी ही नहीं बल्कि राजनीतिक गतिविधियों की भी राजधानी है, जो इसे एक रमणीय स्थान बनाते हैं और पर्यटन पारखियों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

दिल्ली का भूगोल और जलवायु
0 से 125 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दिल्ली, भारत के उत्तर में स्थित है। इसके पूर्व में उत्तर प्रदेश जबकि उत्तर, दक्षिण और पश्चिम में हरियाणा है, दिल्ली रिज और यमुना नदी दिल्ली भूगोल की दो मुख्य विशेषताएँ हैं। यमुना नदी दिल्ली की एक मात्र प्रमुख नदी है।

दिल्ली का जलवायु
दिल्ली का सब्ट्रापिकल वातावरण होने के कारण यहाँ ग्रीष्मकाल बहुत गर्म और शुष्क होता है, जबकि सर्दियों में यहाँ इतनी ठण्ड पडती है कि पूरी दिल्ली कोहरे से ढक जाती है। गर्मियां अप्रैल से लेकर जून महीने तक रहती है, जबकि वर्षा रुतु जून में शुरू होकर अक्टूबर महीने तक रहती है। इसके बाद नवम्बर में सर्दियाँ शुरू होती जाती हैं।

दिल्ली की बहुमूल्य संस्कृति
दिल्ली के इतिहास की तरह दिल्ली की संस्कृति भी बडी विविध है। यहाँ दिवाली, महावीर जयंती, होली, लोहडी, कृष्ण जन्माष्टमी जैसे कई हिन्दू त्योहार तो मनाए जाते ही हैं, साथ ही यहाँ क़ुतुब त्योहार, वसंत पंचमी, विश्व पुस्तक मेला और अंतराष्ट्रिय आम फेस्ट जैसे कई लोकप्रिय और अनूठे त्योहार भी मनाए जाते हैं। दिल्ली वह स्थान है जहाँ मुग्लई व्यंजनों का प्रारंभ हुआ, जिसका प्रभाव हम दिल्ली के व्यंजनों में देखते हैं। इनके अलावा यहाँ कई भारतीय व्यंजन भी काफी लोकप्रिय है। जिन में से कडाही चिकन, चिकन मक्खन, चाट, जलेबी, कचोडी और लस्सी दिल्ली के कुछ प्रसिद्ध भारतीय व्यंजन है।

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