‘द पेरिस ऑफ पंजाब’ कपूरथला के प्रसिद्ध दर्शनीय स्‍थल

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जालंधर के पास एक छोटा सा शहर कपूरथला अपनी खूबसूरत इमारतों के लिए प्रसिद्ध है इसे ‘द पेरिस ऑफ पंजाब’ का खिताब दिलाया है। कपूरथला को ‘महलों और बागों का शहर’ भी कहा जाता है, यह कपूरथला जिले के प्रशासनिक मुख्‍यालय के रूप में भी कार्य करता है। शहर का नाम राणा कपूर के नाम पर पड़ा, जो जयसलमेर (राजस्‍थान) के राजपूत घराने के वंशज थे और उन्‍होंने ही इस जगह की स्‍थापना की थी। एक समृद्ध इतिहास और जीवंत संस्कृति के साथ, यह शहर निश्चित तौर पर किसी भी यात्री का ध्यान आकर्षित करता है। आइए, आपको कपूरथला के कुछ प्रसिद्ध स्थलों की सैर कराते हैं।

एलिसी महल

कपूरथला में वास्तुकला के लिए मशहूर उत्‍कृष्‍ट इमारतों की कोई कमी नहीं है और इन्‍हीं में से एक है एलिसी पैलेस। सन् 1962 में कंवर बिक्रम सिंह द्वारा निर्मित इस महल की इंडो-फ्रेंच वास्तुकला अपने समय की वास्‍तुकला और समृद्धि का बखान करती है। इस महल को अब एक मोंटगोमरी गुरु नानक स्कूल में बदल दिया गया है।

जगतजीत महल

कपूरथला के पूर्व महाराजा जगतजीत सिंह इस महल में रहा करते थे। जगतजीत पैलेस का अस्तित्‍व वर्ष 1908 से है। वर्साइल के भव्य पैलेस के बाद इंडो-सराकेन वास्तुशिल्‍प से इस महल को बनवाया गया। जगतजीत पैलेस में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के लिए लड़कों को प्रशिक्षित करने के लिए एक सैनिक स्कूल भी है। ये कपूरथला के सबसे शानदार स्थलों में से एक है।

कांजली वेटलैंड

1870 में ब्यास नदी के पार आसपास के इलाकों में सिंचाई की सुविधा प्रदान करने के लिए 56 वर्ग मीटर भूमि के क्षेत्र में कांजली वेटलैंड स्थित है। मानव निर्मित वेटलैंड एक शानदार पिकनिक स्पॉट है जहां पर हर तरफ प्राकृतिक सौंदर्य की छटाएं बिखरी हुई हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच यह जगह फोटोग्राफी के लिए बहुत मशहूर है।

शालीमार गार्डन

अपने विशिष्ट वास्तुशिल्प प्रदर्शनों के लिए प्रसिद्ध शालीमार गार्डन हमेशा पर्यटकों से भरा रहता है। शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर इस जगह पर आकर आप मन बहुत शांति और सुकून का अहसास होता है। फूलों से सजे इस बगीचे में पर्यटक घंटो आराम से बैठकर समय बिता सकते हैं। कपूरथला के शाही परिवार के लाल बलुआ पत्थर ओबिलिस्क सेनेटफ्स और फूलों से सजा ये बगीचा पर्यटकों के बीच काफी मशहूर है।

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