महाराष्ट्र की संस्कृति और साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है अमरावती

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बढ़ते औद्योगिक केन्द्र के साथ-साथ अमरावती महाराष्ट्र की संस्कृति और साहित्य के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गोपाल नीलकंठ डांडेकर और सुरेश भट्ट इस क्षेत्र का कुछ मशहूर हस्तियाँ हैं। कहा जाता है कि भगत सिंह, प्रतिष्ठित क्रांतिकारी सेनानी, अमरावती में 3 दिनों के लिए अपने भूमिगत कार्यकाल के दौरान यहाँ छिपे थे। इसके अलावा, अमरावती कई उल्लेखनीय लोगों का घर रहा है। अनेक संतों, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों और स्वतंत्रता सेनानियों यहाँ के रहे हैं। एक और दिलचस्प है किन्तु अभी तक कम ज्ञात तथ्य यह है कि अमरावती भी कई नेताओं का गृहनगर है। हमारी भूतपूर्व राष्ट्रपति, श्रीमती प्रतिभा पाटिल भी अमरावती की ही है।

एक धार्मिक निवास – अमरावती

धर्म के प्रति आस्‍था रखने वाले लोगों का दावा है कि अमरावती लोकप्रिय रूप से सभी देवताओं के राजा के रूप में जाने जाने वाले भगवान इंद्र का निवास था। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार शहर में स्थित प्रसिद्ध अम्बा देवी मंदिर से भगवान कृष्ण देवी रुक्मणी को उनके शादी समारोह से भगा कर ले गये थे। विदर्भ क्षेत्र में स्थित अम्बा देवी मंदिर, भारत के आध्यात्मिक वास्तुकला के आकर्षण की अभिव्यक्ति है।

अमरावती – कैसे और कब पहुँचें

अमरावती पहुंचने के लिए मुंबई-कोलकाता राजमार्ग पर स्थितट अमरावती सड़क, रेल और वायु द्वारा आसानी से सुलभ है। राज्य और कई निजी बस ऑपरेटर अमरावती – पुणे और अमरावती – इंदौर मार्ग पर बसें चलाते हैं। नागपुर, मुंबई और औरंगाबाद जैसे महाराष्ट्र के सभी प्रमुख शहर सड़क और वायुमार्ग द्वारा अच्छी तरह से अमरावती के लिए जुड़े है। रेल द्वारा,महाराष्ट्र में प्रमुख शहरों में से कहीं से ट्रेन यात्रा का विकल्प चुन सकते हैं।

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