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राज्य

झारखंड स्थित तीर्थ देवघर के 4 प्रमुख दर्शनीय स्थल

देवघर एक प्रमुख तीर्थ स्थान है, यह झारखण्ड राज्य के संथाल परगना के अंतर्गत है। इस शहर में बैधनाथ मंदिर स्थित है। \ जो की बारह शिव ज्योतिर्लिंग में से एक है। इस ज्योतिर्लिंग को मनोकामना लिंग भी कहा जाता है। देवघर में प्रयटको के लिए बहुत से…

ये रोचक 4 तथ्य जो बनाते हैं मणिपुर को बेहद खास

मणिपुर का प्राकृतिक सौंदर्य दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ऊंची घाटियों, नीले पहाड़ों, झरनों और हरे-भरे मैदानों के प्रति आकर्षित करता है। ये राज्य चरागाहों, घाटियों और चमकती हुई झीलों से घिरा है। अपनी अनोखी जलवायु और जातीय भिन्‍नता के साथ,…

पूर्वोत्तर भारत की खूबसूरत जगहों में से एक है कमलपुर

त्रिपुरा के पूर्वी क्षेत्र में धलाई जिले में स्थित कमलपुर झरनों, झिलमिलाती झीलों और खूबसूरत नज़ारों से भरा है। इसके अलावा सुहावना मौसम अनोखे स्‍वदेशी पहलुओं के साथ कमलपुर पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ों और झीलों के बीच बचा है। यह जगह न सिर्फ…

त्रिपुरा : कमलपुर आएं तो जरूर घूमें यह 6 प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों की तरह त्रिपुरा भी अपने प्राकृतिक खजानों और मानव निर्मित कलाकृतियों के लिए जाना जाता है। आज का स्वतंत्र राज्य कभी त्रिपुरा के शाही परिवार के अंतर्गत हुआ करता था जो बाद में स्वतंत्र भारत का हिस्सा बना। इस राज्य को…

गुजरात: प्राचीन नगर पाटन के दार्शनीय स्थल

पाटन एक प्राचीन नगर है जिसकी स्थापना ७४५ ई में वनराज छावडा ने की थी। राजा ने इसका नाम 'अन्हिलपुर पाटण' या 'अन्हिलवाड़ पाटन' रखा था। यह मध्यकाल में गुजरात की राजधानी हुआ करता था। इस नगर में बहुत से ऐतिहास स्थल हैं जिनमें हिन्दू एवं जैन…

पाटन – सोलंकी शासन के दौरान गुजरात की राजधानी

गुजरात की गढ़वाली पूर्व राजधानी, पाटन एक ऐसा शहर है जिसकी स्थापना 745 ईस्वी में की गई थी। तत्कालीन राजा वनराज चावड़ा द्वारा निर्मित यह पुरातन ऐतिहासिक शहर अपनी उत्कृष्ट ऐतिहासिक सम्पदाओं और प्राकृतिक भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। अहमदाबाद के…

इश्क़ और इबादत की मिसाल हैं भारत की ये 4 ऐतिहासिक इमारतें

भारत की कुछ ऐतिहासिक इमारतों को प्यार के प्रतीक के रूप में विश्व भर में जाना जाता है। प्रेम, कुर्बानी और कर्त्तव्‍य की कुछ सबसे अधिक महाकाव्य कहानियों की साक्षी इन ऐतिहासिक स्मारकों ने हर पीढ़ी को अपनी प्रेम की गाथा सुनाई है। यह इमारतें कुछ…

खंडहर बताते हैं चंदौली शहर की दास्तां

चंदौली जिला उत्तर प्रदेश में वाराणसी से लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है। इसका नाम बारहौलिया राजपूत चन्द्र शाह के नाम पर पड़ा, जिनका ताल्लुक नरोत्तम राय के परिवार से है जिन्होंने इस शहर की खोज की थी। उनके वंशजों नें बाद में एक किले का…

गोंडल – विशिष्ट कारों के शौकीन राजाओं का राजसी राज्य

आज़ादी के पहले काठियावाड़ के आठ राजसी राज्यों में से एक माना जाता था। यहाँ के राजाओं को कारों के प्रति सम्मोहन था और इसलिए उस समय भी गुजरात के गोंडल में रोड की स्थिति काफी अच्छी थी। गोंडल की स्थापना 1643 एडी में ठाकुर श्री कुम्भोजी 1 मेरामंजी…

दुनिया को भगवद् गीता का पाठ सिखाता है गोरखपुर

गोरखपुर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गोरखपुर शहर मौर्य, कुषाण,शुंगा और गुप्ता साम्राज्य का एक खास हिस्सा रहा है। इस शहर का नाम ऋषि गोरखनाथ के नाम पर रखा गया था। गोरखपुर में उत्तर पूर्व रेलवे का हेड…