खंडहर बताते हैं चंदौली शहर की दास्तां

चंदौली जिला उत्तर प्रदेश में वाराणसी से लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है। इसका नाम बारहौलिया राजपूत चन्द्र शाह के नाम पर पड़ा, जिनका ताल्लुक नरोत्तम राय के परिवार से है जिन्होंने इस शहर की खोज की थी। उनके वंशजों नें बाद में एक किले का…

दुनिया को भगवद् गीता का पाठ सिखाता है गोरखपुर

गोरखपुर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गोरखपुर शहर मौर्य, कुषाण,शुंगा और गुप्ता साम्राज्य का एक खास हिस्सा रहा है। इस शहर का नाम ऋषि गोरखनाथ के नाम पर रखा गया था। गोरखपुर में उत्तर पूर्व रेलवे का हेड…

भगवान बुद्ध के बोध ज्ञान प्राप्ति का प्रमाण है गया शहर

गया में बौद्ध धर्म के संस्‍थापक भगवान बुद्ध को बोधज्ञान प्राप्‍त हुआ था, इसी कारण, इस स्‍थान को शहर के सबसे प्रसिद्ध स्‍थलों में से एक माना जाता है। गया पूरे राज्‍या में सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्‍थल है। पहले यह शहर मगध का एक हिस्‍सा था और यह…

राष्ट्र पिता की याद दिलाता है साबरमती नदी के तट पर बसा गाँधीनगर शहर

साबरमती नदी के पश्चिमी तट पर स्थित गांधीनगर गुजरात की नवीनतम राजधानी है। आज़ादी के बाद 1960 में जब मुम्बई को महाराष्ट्र और गुजरात में विभाजित किया गया, तब गांधीनगर को गुजरात की राजधानी चुना गया। सभी क्षेत्रों, सड़कों, बाज़ारों और आवासीय…

हरियाणा के दुसरे सबसे बड़े शहर फरीदाबाद और उसके आसपास का पर्यटन

हरियाणा के दूसरे सबसे बड़े शहर फरीदाबाद का नाम इसके संस्थापक बाबा फरीद के नाम पर रखा गया है। उन्होंने एक किले, मस्जिद और टंकी की निर्माण कराया था जिनके खण्डहर अभी भी देखे जा सकते हैं। दिल्ली, गुड़गाँव, और उत्तरप्रदेश के कई हिस्सों से घिरे…

पर्यटकों का स्वर्ग है केरल की वाणिज्यिक राजधानी – एर्नाकुलम

एर्नाकुलम - कोच्ची, इन दो जुडवा शहरों में से एर्नाकुलम ज़्यादातर शहरी इलाका है जो की एर्नाकुलम जिले में स्थित है। एर्नाकुलम शहर का नाम यहाँ के प्रसिद्द शिव मंदिर एर्नाकुलाथाप्पन के नाम पर पड़ा है। एर्नाकुलम अपने व्यवसायिक विकास के लिए जाना…

चार धाम और सात पवित्र शहरों में से एक है गुजरात का द्वारका

द्वारका शहर को संस्कृत में द्वारावती कहा जाता है तथा यह भारत के सात प्राचीन शहरों में से एक है। यह शहर भगवान कृष्ण का घर था। हमारे धर्म ग्रंथों में ऐसा कहा गया है कि केवल यही एक ऐसा स्थान है जो चार धाम (चार प्रमुख पवित्र स्थान) तथा सप्त…

चाय के नीलामी बाजारों के लिए मशहूर है असम की राजधानी दिसपुर

दिसपुर असम की राजधानी है और कमर्शियल रूप से तेज़ी से बढ़ते हुए शहर गुवाहाटी से लगभग 10कि.मी. दूर है। दिसपुर से पहले असम की राजधानी शिलांग थी। 1973 में जब मेघालय को असम से अलग किया गया तब मेघालय की राजधानी शिलांग थी। असम की सरकार ने दिसपुर…

पश्चिम बंगाल की स्टील सिटी – दुर्गापुर

पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र ने पड़ोसी राज्यों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक विशाल स्टील सिटी की परिकल्पना की थी। इसी के परिणामस्वरूप दुर्गापुर वजूद में आया। समय के साथ-साथ दुर्गापुर स्टील उत्पादन के केंद्र से एक…

चाय के बागानों का खूबसूरत स्‍थल – डिब्रूगढ़

डिब्रूगढ़ शहर अपने आप में एक सौंदर्य है, जिसके एक तरफ छल-छल करती हुई गिरती ब्रह्मपुत्र नदी तो दूसरी ओर शहर के किनारों पर हिमालय की शृंखलाएं नीचे की ओर जाती हुई दिखाई देती हैं। असम के सबसे शानदार शहरों में से एक होने के नाते, डिब्रूगढ़…