देहरादून पर्यटन के पांच मुख्य आकर्षण

1) गुच्चुपानी ( रॉबर्स केव )देहरादून कैंट के निकट पहाड़ियों के बीच गुच्चुपानी एक प्राकृतिक जगह हैं जहां पहाड़ियों के बीच बहता पानी का झरना यहां आने वाले सभी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। शांति और सुकून प्रिय लोगों के लिए देहरादून का यह

भारत के सबसे पुराने शहरों में से एक है देहरादून

दून वैली के रूप में लोकप्रिय, देहरादून, उत्तराखंड राज्य की राजधानी है। गंतव्य समुद्र स्तर से 2100 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है। देहरादून के पूर्व में गंगा नदी बहती है, जबकि यमुना नदी पश्चिम को बहती

वाटर पार्क और बेहतरीन रिसॉर्ट हैं दमन के फेमस स्पॉट

दमन प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा है। दूर तक फैले अरब सागर के समुद्री किनारे के अलावा आज यह एक लोकप्रिय बीच डेस्टनेशन के रूप में भी उभर रहा है। अगर आप यहां के जैमपोरे बीच घूमने जाएंगे तो कैजुआरीना वृक्षों के उपवन में खुद को भाग-दौड़

शांति और सुकून चाहने वालों के लिए स्वर्ग है दमन

दमन, गोवा और दादरा एंव नगर हवेली 450 साल से भी ज्यादा समय के लिए पुर्तगाली साम्राज्य का हिस्सा रहा। 19 दिसंबर 1961 में दमन और अरब सागर में विदेशियों के अधीन दूसरे तटवर्ती क्षेत्रों को भारत में मिला दिया गया। हालांकि 1974 तक पुर्तगाल दमन व

चित्तौड़गढ़ किला है राजस्थान के चित्तौड़गढ़ शहर का प्रमुख आकर्षण केन्द्र

इस शहर का प्रमुख आकर्षण चित्तौड़गढ़ किला है, जो 180 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। इस किले में कई स्मारक है जिनमें से प्रत्येक के निर्माण के पीछे कुछ कहानी है। महाराणा फ़तेह सिंह द्वारा बनवाया गया फतेह प्रकाश महल एक सुंदर ऐतिहासिक स्थान है। महल

पौराणिक कथाओं में मिलता है चित्तौड़गढ़ शहर के योद्धाओं का वर्णन

चित्तौड़गढ़ शहर राजस्थान में स्थित है जो लगभग 700 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और अपने शानदार किलों, मंदिरों, दुर्ग और महलों के लिए जाना जाता है। पौराणिक कथाओं में चित्तौड़गढ़ इस शहर के योद्धाओं की वीरता की कहानियों को भारत के इतिहास

प्रकृति की असीम कृपा के तहत बसा है चंदेल और इसके आसपास का पर्यटन

चंदेल ज़िले पर प्रकृति की असीम अनुकम्पा है और यहाँ पर कई प्रजाति के पेड़ पौधे और जीव जंतु पाए जाते हैं। यहाँ पर विशेष रूप से आर्किड और सजावटी पौधे भी मिलते हैं। ऐसे ही कुछ अनूठे पेड़ हैं: अनिसोमेलेस इंडिका, अनोटिस फोएटीडा और क्रासिफालम

म्यांमार का प्रवेश द्वार है भारत-म्यांमार की सीमा रेखा पर स्थित चंदेल शहर

मणिपुर के नौ ज़िलों में से एक है चंदेल। यह भारत-म्यांमार की सीमा रेखा पर पड़ता है और पड़ोस के देश का प्रवेश स्थान भी है। चंदेल शहर, चंदेल ज़िले का ज़िला मुख्यालय है जबकि मोरेह, चक्पिकारोंग, चंदेल इसके चार उपखंड हैं। चंदेल ज़िले के दक्षिणी भाग

पक्की मिट्टी से बने मन्दिर, गहनों और घरों के लिए मशहूर है बिष्णुपुर शहर

17वीं और 18वीं शताब्दी में बने मखरला और पक्की मिट्टी के ईंटों से बने मन्दिर बिश्नूपुर पर्यटन पर हावी हैं। पक्की मिट्टी का प्रभाव यहीं समाप्त नहीं होता बल्कि शहर में इससे बने बर्तन, गहने और घरों के लिये सजावटी सामान भी मिलते हैं।

भीमताल झील और विक्‍टोरिया बांध समेत ये हैं भीमताल के पांच प्रमुख आकर्षण

भीमताल आकर विक्‍टोरिया बांध देख सकते हैं जो भीमताल झील के अंत में बना हुआ है। बांध बेहद लुभावने दृश्‍य प्रदान करता है। पर्यटक, यहां एक मछलीघर भी देख सकते हैं जो कि भीमताल झील पर स्थित एक द्वीप पर बना हुआ है। यह झील हिमालय की कई ट्रांस