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प्रकृति की असीम कृपा के तहत बसा है चंदेल और इसके आसपास का पर्यटन

चंदेल ज़िले पर प्रकृति की असीम अनुकम्पा है और यहाँ पर कई प्रजाति के पेड़ पौधे और जीव जंतु पाए जाते हैं। यहाँ पर विशेष रूप से आर्किड और सजावटी पौधे भी मिलते हैं। ऐसे ही कुछ अनूठे पेड़ हैं: अनिसोमेलेस इंडिका, अनोटिस फोएटीडा और क्रासिफालम

म्यांमार का प्रवेश द्वार है भारत-म्यांमार की सीमा रेखा पर स्थित चंदेल शहर

मणिपुर के नौ ज़िलों में से एक है चंदेल। यह भारत-म्यांमार की सीमा रेखा पर पड़ता है और पड़ोस के देश का प्रवेश स्थान भी है। चंदेल शहर, चंदेल ज़िले का ज़िला मुख्यालय है जबकि मोरेह, चक्पिकारोंग, चंदेल इसके चार उपखंड हैं। चंदेल ज़िले के दक्षिणी भाग

पक्की मिट्टी से बने मन्दिर, गहनों और घरों के लिए मशहूर है बिष्णुपुर शहर

17वीं और 18वीं शताब्दी में बने मखरला और पक्की मिट्टी के ईंटों से बने मन्दिर बिश्नूपुर पर्यटन पर हावी हैं। पक्की मिट्टी का प्रभाव यहीं समाप्त नहीं होता बल्कि शहर में इससे बने बर्तन, गहने और घरों के लिये सजावटी सामान भी मिलते हैं।

भीमताल झील और विक्‍टोरिया बांध समेत ये हैं भीमताल के पांच प्रमुख आकर्षण

भीमताल आकर विक्‍टोरिया बांध देख सकते हैं जो भीमताल झील के अंत में बना हुआ है। बांध बेहद लुभावने दृश्‍य प्रदान करता है। पर्यटक, यहां एक मछलीघर भी देख सकते हैं जो कि भीमताल झील पर स्थित एक द्वीप पर बना हुआ है। यह झील हिमालय की कई ट्रांस

भीमताल – जहां हैं निर्मल नदियां और पवित्र मंदिर

भीमताल, उत्‍तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित एक शहर है जो समुद्र स्‍तर से 1370 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार, एंग्‍लो - नेपाली युद्ध के बाद 1814 और 1816 सन् की अवधि में इस शहर पर ब्रिटिश लोगों का शासन था। अपने

बिष्णुपुर, पश्चिम बंगाल के आकर्षण कहते हैं रामायण और महाभारत की कहानियाँ

1) मदनमोहन मन्दिरमदनमोहन मन्दिर क्षेत्र का सबसे प्रसिद्ध मन्दिर है और इसे 16वी शताब्दी में राजा दुर्जन सिंह देव ने अपने पारिवारिक आराध्य भगवान कृष्ण और राधा के सम्मान में बनवाया था। आप मन्दिर के पवित्र रथ शैली वास्तुकला तथा इसकी दीवार पर

झीलों के शहर के रूप में प्रसिद्ध है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल

भोपाल, भारत का एक प्रसिद्ध शहर और मध्‍यप्रदेश राज्‍य की राजधानी भी है। झीलों के शहर के रूप में प्रसिद्ध भोपाल, पूर्व समय भोपाल रियासत की राजधानी भी हुआ करती थी। भोपाल को देश के सबसे स्‍वच्‍छ और हरे - भरे स्‍थानों में से एक होने का गौरव

पुर्तगाली शहर चौल के चार प्रमुख आकर्षण

1) दत्ता मंदिर:-दत्ता मंदिर रेवडंडा में स्थित है, यह भगवान दत्तात्रेय के समर्पण में बनाया गया था और आम तौर पर मराठी समुदाय द्वारा पूज्य है। माना जाता है कि मंदिर दुश्मन पर नजर रखने के उद्देश्य से शिवाजी महाराज के शासनकाल में निर्मित किया

क्या आप जानते हैं भारत के पुर्तगाली शहर चौल के बारे में ये रोचक बातें?

पुर्तगाली भारत का पूर्व शहर, चौल शहर अब एक खंडहर के रूप में है। यह मुंबई से लगभग 60 किमी दूर स्थित है, महाराष्ट्र में दक्षिण की ओर यह रायगढ़ जिले के अंतर्गत आता है। इतिहास इस तथ्य का गवाह है कि पुर्तगाली पहले चौल में, लगभग 500 साल पूर्व,

भारत के नियोजित शहर चंडीगढ़ के आसपास का पर्यटन स्थल

चंडीगढ़ अपनी कला और संस्कृति के लिए यह भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी जाना जाता है। यहाँ कई म्यूजियम भी हैं। मसलन इंटरनेशनल डॉल्स म्यूजियम, सरकारी म्यूजियम और आर्ट गैलरी। चंडीगढ़ के उत्तर में मौजूद विशाल जंगल वन्यजीव प्रेमियों को खूब